
ऋषिकेश। ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि के कथित बंदरबांट, वन विभाग द्वारा बापूग्राम क्षेत्र की जनता को बेदखली के नाम पर परेशान किए जाने तथा बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा ‘भूमि बचाओ–धामी हटाओ अभियान’ के तहत आईडीपीएल मुख्य द्वार, हरिद्वार रोड पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने किया।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय क्षेत्रवासियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान वक्ताओं ने आईडीपीएल की भूमि से जुड़े सवालों, बापूग्राम के निवासियों के अधिकारों तथा क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाया।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि आईडीपीएल और बापूग्राम का मुद्दा केवल जमीन का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ है। वर्षों से यहां निवास कर रहे लोगों को उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता में रखना उचित नहीं है। कांग्रेस पार्टी क्षेत्र की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक उनकी मांगों पर न्यायोचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी आवाज बुलंद करती रहेगी।
जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन क्षेत्र की जनता के अधिकारों की लड़ाई है। भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनकी आवाज को नजरअंदाज करना चाहिए। आईडीपीएल की भूमि और बापूग्राम के निवासियों से जुड़े इस गंभीर विषय पर सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदेश सचिव एड. राकेश सिंह मियां ने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार को कानूनी और मानवीय दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। वर्षों से निवास कर रहे परिवारों के अधिकारों और उनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिवार को बेवजह भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि कोई साधारण जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह ऋषिकेश की ऐतिहासिक धरोहर और यहां के हजारों लोगों के भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है। इस भूमि को लेकर किसी भी प्रकार की बंदरबांट या जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बापूग्राम में वर्षों से रह रहे परिवारों ने अपनी मेहनत से अपने घर बनाए हैं, अपने जीवन की पूरी पूंजी यहां लगाई है। आज उन्हीं परिवारों को बेदखली का भय दिखाया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि जनता केवल चुनाव के समय याद करने के लिए नहीं होती, बल्कि उसके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग वर्षों से उठ रही है, लेकिन सरकार इस पर ठोस निर्णय लेने से बचती रही है। आखिर कब तक क्षेत्र की जनता अपने भविष्य को लेकर असमंजस में रहेगी? सरकार को तत्काल स्पष्ट नीति बनाकर बापूग्राम के निवासियों को उनका अधिकार और सुरक्षा देनी चाहिए। कांग्रेस इस लड़ाई को केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि जनता को न्याय मिलने तक सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जनता की जमीन, जनता के अधिकार और जनता के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
विरोध करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता, कांग्रेस ने शांतिपूर्ण तरीके से किया विरोध
कार्यक्रम के दौरान भाजपा से जुड़े कुछ लोग विरोध जताने पहुंचे। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर नारेबाजी करते हुए उनका विरोध किया। आयोजकों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से उन्हें प्रदर्शन स्थल से पीछे हटने पर मजबूर किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता के साथ अपना विरोध दर्ज कराया और धरना-प्रदर्शन जारी रखा।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि आईडीपीएल की भूमि, बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने और स्थानीय निवासियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।












