
जयपुर (राजस्थान), 31 अक्टूबर 2026।
सेवा जब संवेदना से जुड़ती है और पद जब परोपकार का माध्यम बनता है, तब व्यक्ति समाज में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करता है। इसी मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए उत्तराखंड के ए.A.m.b. डॉ. चंद्रशेखर को भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर जयपुर में राजनायिक संबंध वियना अभिषरण अधिनियम 1972 जिनेवा कन्वेन्शन 1949 के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र सांस्कृतिक मंच फाउंडेशन अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच फाउंडेशन वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन राष्ट्रीय एकता दिवस 25 राष्ट्रों के राष्ट्रध्वजों के सानिध्य में राष्ट्रीय एकता दिवस एवं सरदार पटेल जयंती महोत्सव संपन्न जयपुर संयुक्त राष्ट्र सांस्कृतिक मंच फाउंडेशन एवं अंतर्राष्ट्रीय समरसता संघ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस तथा भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, लोह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती की उपलक्ष में राष्ट्रीय एकता दिवस महोत्सव जयपुर में विभिन्न क्षेत्रों के चयनित प्रतिभाओं को होटो फोर्ट के निकट रोटरी क्लब सभागार आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि न्याय मूर्ति श्री जे.के. रांका, राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री राजेंद्र नायक अध्यक्ष( राज्य मंत्री) राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग गोपाल शर्मा विधायक सिविल लाइन जयपुर पूर्व महापौरश्रीमती सील धाभाई द्वारा कार्यक्रम के अध्यक्षता डॉक्टर हुकुमचंद वरिष्ठ कानूनविद एवं कुलपति रोमा इंटरनेशनल कल्चर यूनिवर्सिटी नई दिल्ली. मंच संयोजक डॉक्टर कुलदीप प्रसाद शर्मा एडवोकेट ईस्ट वेस्ट लो फॉर्म नेपाल काठमांडू थे.उक्तआयोजन में कार्ययोजना में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता एवं वीटो पावर का अधिकार दिलाने के समर्थन भारत में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव तथा बसुधैव कुटुंबकम और विश्व बंधुत्व एक एकामहे की भावना को प्रोत्साहित करने जैसे विशेष शामिल हैं मंच के अनुसार उसके सिद्धांतों के नैतिक समर्थन में 25 राष्ट्रों की राष्ट्रीय ध्वज प्राप्त हुए हैं. सरदार पटेल गौरव अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच फाउंडेशन एवं संयुक्त राष्ट्र सांस्कृतिक मंच फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया।यह सम्मान भारत के सर्वोच्च न्यायलय एवं उच्च न्यायलय में न्यायाधीश रह चुके सेवा निवृत न्यायमूर्ति जे. के. रांका के कर कमलों द्वारा ए.एम.बी. डॉ. शेखर को एक भब्य समारोह में प्रदान किया गया।
मूल रूप से ग्राम लोब, पट्टी खरेही, जनपद बागेश्वर निवासी डॉ. चंद्रशेखर वर्तमान में मंडी समिति ऋषिकेश में मंडी सहायक के पद पर कार्यरत हैं। वे उत्तराखंड मंडी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तथा भारतीय दलित साहित्य अकादमी, उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव के दायित्वों का निर्वहन भी कर रहे हैं।
डॉ. चंद्रशेखर की पहचान केवल एक कर्मठ कर्मचारी और संगठनात्मक पदाधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी के रूप में भी है। वे जरूरतमंदों, असहायों एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। अनेक गरीब एवं असहाय मरीजों को एम्स में उपचार हेतु भर्ती कराने से लेकर उनकी आर्थिक सहायता तक, उन्होंने मानवीय सेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संत शिरोमणि रविदास सहित विभिन्न महापुरुषों के जन्मोत्सव एवं सामाजिक आयोजनों में भी वे आर्थिक सहयोग और सक्रिय सहभागिता करते रहे हैं।
उनके सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान के लिए इससे पूर्व उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि, भारत गौरव रत्न, इंटरनेशनल पीस एम्बेसडर, राष्ट्रीय शौर्य सम्मान, राष्ट्रीय अशोक सम्मान, डॉ. अंबेडकर उत्तराखंड गौरव सम्मान, डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय एक्सीलेंस सम्मान एवं बाबू जगजीवन राम समता राष्ट्रीय पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है। हाल ही में 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय दलित साहित्य अकादमी, उत्तराखंड की 42वीं वर्षगांठ पर उन्हें ‘डॉ. अंबेडकर उत्तराखंड रत्न अवार्ड-2026’ से भी सम्मानित किया गया।
डॉ. चंद्रशेखर का व्यक्तित्व इस विचार को चरितार्थ करता है कि मनुष्य की वास्तविक प्रतिष्ठा उसके पद, प्रतिष्ठा अथवा पुरस्कारों में नहीं, बल्कि उसके द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में लाई गई सकारात्मक बदलाव की रोशनी में निहित होती है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड, बल्कि समर्पित कर्मचारी वर्ग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।












