
टिहरी। जिला पंचायत सदन की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। जिला पंचायत की बैठक का सदस्यों ने बहिष्कार किया। जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाया। साथ ही जिला योजना में उनकी प्रस्तावित योजनाओं को शामिल न किए जाने का आरोप लगाया।
सदस्यों ने कहा अधिकारियों ने उनकी ओर से भेजी गई विकास योजनाओं को जिला योजना में स्थान नहीं दिया, जिससे उनके क्षेत्रों की जनता विकास कार्यों से वंचित हो रही है। इस दौरान नाराज सदस्यों ने सदन से बाहर आकर सीढ़ीयो पर बैठकर विरोध जताते हुए नारेबाजी की। विरोध कर रहे सदस्यों का आरोप था कि जिला योजना में केवल कुछ चुनिंदा लोगों की पसंद की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, जबकि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की अनदेखी की गई।
उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की उपेक्षा बताते हुए निष्पक्ष तरीके से योजनाओं को शामिल करने की मांग की। साथ ही महिलाओं की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ भी नारेबाजी की। विरोध के बीच नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर निकल गए। सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।
जिला पंचायत सदस्य कविता देवी ने कहा जिला योजना में हमारी जिला योजना को छोड़ कर अन्य लोगों की योजना चढ़ाई जा रही है। ये हमारे साथ नाइंसाफी है। जिला पंचायत सदस्य अनुज शाह ने कहा जिला योजना में बंदरबाट की है। जिला पंचायत सदस्य दर्शनी देवी ने बताया जिला योजना में एक ही व्यक्ति को फायदा पहुंचाया जा रहा है। इसमें मिलीभगत विभाग के अधिकारियों की है।
जिला पंचायत सदस्य, भिलंगना घनसाली अनुज शाह ने कहा अगर हमारे क्षेत्र में कार्य नहीं होगा तो हम धरना प्रदर्शन आंदोलन करने में बाध्य होंगे। दर्शानी रावत, जिला पंचायत सदस्य ने कहा अधिकारियों ने मेरी आवाज दबाने का कार्य किया। उन्होंन कहा सदन में हम अपनी जनता की आवाज उठाने आए हैं। सदन में जनता ने हमें चुनकर भेजा है। यह हमारा सबसे बड़ा सदन है। यहां पर अपनी आवाज रखेंगे।






