उतराखंडपुलिस डायरी

रामनगर किडनैपिंग केस, 8 महीने बाद पुलिस के हाथ आया आरोपी पुलिस ने नाबालिग पीड़िता को भी आरोपी के कब्जे से छुड़ाया

रामनगर। 17 साल का नाबालिग लड़की के किडनैपिंग केस में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम अजय उर्फ बक्खु है, जिसे पुलिस ने राजस्थान के खेरथल जिले के मुड़ावर थाना क्षेत्र से पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपहृत नाबालिग किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
पुलिस ने सोमवार को इस पूरे मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि रामनगर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने 30 मई 2025 को पुलिस को लिखित तहरीर दी थी। अपनी तहरीर में पीड़ित व्यक्ति ने बताया था कि राजस्थान का रहने वाला अजय उर्फ बक्खु उनकी 17 साल की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
रामनगर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर आरोपी अजय के खिलाफ धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पा रहा था।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी और नाबालिग बच्ची की संकुशल बरामदी के लिए कई जगहों पर दबिश भी दी, लेकिन आरोपी बार-बार पुलिस के हाथ से बचकर निकल जा रहा था। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
स्पेशल पुलिस टीम ने आरोपी के बारे में कुछ और जानकारी जुटाई। साथ ही अपना मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को आरोपी के बारे में कुछ अहम जानकारी मिली। पुलिस को पता चला कि आरोपी, लड़की के साथ राजस्थान में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस की एक टीम रामनगर से राजस्थान के खेरथल जिले में भेजी गई। पुलिस ने आरोपी को मुड़ावर थाना क्षेत्र के सील गांव से गिरफ्तार किया।
आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस टीम ने अपहृत नाबालिग किशोरी को भी सकुशल बरामद किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद की गई नाबालिग लड़की को को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत संरक्षण में लिया गया है। वहीं गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक गणेश जोशी, कांस्टेबल विनीत चौहान तथा महिला कांस्टेबल भारती शामिल रहीं। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि इस तरह की किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!