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गैंगस्टर गिरफ्तारी मामला, आईजी को भेजी गई इंस्पेक्टर राठौड़ के निलंबन की संस्तुति

उधम सिंह नगर। जिले में कुख्यात गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी के तरीके को लेकर विवादों में आए इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उधम सिंह नगर एसएसपी अजय गणपति कुंभार की ओर से इंस्पेक्टर के निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं को भेजी है।
वहीं, इस मामले की जांच एसपी क्राइम अनुष्का बडोला को सौंपे जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, एसपी क्राइम अनुष्का बडोला का कहना है कि अभी तक उन्हें जांच के आदेश से संबंधित कोई कागजात नहीं मिले हैं। क्राइम अनुष्का बडोला ने साफ किया है कि आदेश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब सबकी निगाहें जांच के औपचारिक आदेश और आईजी के निर्णय पर टिकी हैं।
मामला आठ जुलाई 2026 का है। उधम सिंह नगर जिले से काशीपुर में आईटीआई कोतवाली के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ ने काशीपुर में चौती मेला मार्ग इलाके से एक खंडहर के पास से योगेश भदौड़ा को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। तभी से ये गिरफ्तार सवालों के घेरे में है। इसीलिए इस मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में आरोप सामने आया कि कथित तौर पर पहले 112 हेल्पलाइन पर सूचना दिलवाई गई और इसके बाद आईटीआई कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजकर गिरफ्तारी की कार्रवाई कराई गई। आरोप यह भी है कि इस घटनाक्रम के जरिए गैंगस्टर को यूपी एसटीएफ के हाथों पकड़े जाने से बचाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति कुंभार ने इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ के निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती को भेजी है। अब निलंबन पर अंतिम निर्णय आईजी स्तर से लिया जाना है। इसके अतिरिक्त 14(1) के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सक्षम अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
गिरफ्तारी प्रकरण के सामने आने के बाद विक्रम राठौड़ को लाइन हाजिर किया गया था। बाद में उनका तबादला पिथौरागढ़ कर दिया गया। हालांकि स्थानांतरण के बाद भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है। फिलहाल, निलंबन की संस्तुति पर आईजी के निर्णय और जांच के औपचारिक आदेश का इंतजार है। विस्तृत जांच के बाद ही आरोपों और संबंधित अधिकारी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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