उतराखंडहेल्थ बुलेटिन

स्वस्थ हृदय के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरीः विशेषज्ञ

हिम्स जौलीग्रांट में विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रदर्शनी से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

डोईवाला। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट, हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं नर्सिंग सर्विसेज विभाग की ओर से विश्व हृदय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने हृदय स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
हिम्स जौलीग्रांट के कार्डियोलॉजी ओपीडी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निदेशक (अस्पताल सेवाएं) डॉ. हेम चंद्र ने कहा कि बदलती जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या के बीच हृदय के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधियां और तनाव प्रबंधन हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हृदय रोगों से बचाव के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने चाहिए। डॉ. अनुपम अग्रवाल ने कहा हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम के लिए उनके जोखिम कारकों की समय रहते पहचान करना आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग रावत ने कहा कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों के माध्यम से समाज तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
डॉ. चंद्र मोहन बेलवाल ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और रक्तचाप एवं मधुमेह जैसे जोखिम कारकों पर नियंत्रण रखने की जरूरत बताई। डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि स्वस्थ हृदय के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बेहद जरूरी है।
इस दौरान हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हृदय रोगों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने अस्वस्थ खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और अनियमित दिनचर्या से होने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने हृदय को स्वस्थ रखने के उपायों, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और हृदय रोगों की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित कीं। इस अवसर पर डॉ. कुनाल गुरूरानी, डॉ. वत्सल सिंह, जैबुनिशां, प्रिया जेपी नारायण, मनीष दर्जी आदि उपस्थित थे।

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