
हल्द्वानी। लालकुआं में एक स्टोन क्रशर में एक दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। लालकुआं में 30 वर्षीय पवन सिंह की रेत में दबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पवन स्टोन क्रशर में डंपर पर रेत गिरने से रोकने के लिए कट्टे लगा रहा था, तभी जेसीबी चालक ने बिना देखे रेत डाल दी। जिससे वह डंपर में ही दब गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के हल्दूचौड़ का रहने वाला 30 वर्षीय पवन सिंह रोज की तरह सुबह मेहनत-मजदूरी के लिए घर से निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि शाम को वह रोज की तरह घर लौटेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। काम के दौरान हुई एक कथित लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पवन डंपर के डाले के रेत न गिरे इसके लिए किनारों पर कट्टे लगा रहा था। इसी दौरान स्टोन क्रशर में लगे लोडर चालक ने बिना देखे उसमें लगातार रेत डालनी शुरू कर दी। देखते ही देखते पवन रेत के नीचे दब गया। बरसात की वजह से गीली और भारी हो चुकी रेत के नीचे दबे पवन को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ देर बाद जब डंपर से रेत उतारी जा रही थी, तब मजदूर फावड़े से रेत हटाने लगे. आनन-फानन में पवन को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे ने एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों और मशीनों के संचालन में बरती जाने वाली सावधानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डंपर को लोड करने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाता कि उसमें कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है, तो शायद पवन की जान बच सकती थी।






