
ऋषिकेश। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल, वायरल ऑडियो-वीडियो तथा CBI जांच की धीमी गति को लेकर *महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र* ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस को जारी की विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं थी, बल्कि प्रदेश की अस्मिता और हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इसलिए इतने गंभीर प्रकरण में सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की अस्पष्टता और देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।
ललित मोहन मिश्र ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को न्यायालय से सजा मिल चुकी है, लेकिन VIP एंगल, वायरल ऑडियो-वीडियो और उनसे जुड़े संभावित साक्ष्यों की जांच आज भी गंभीर सवालों के घेरे में है। जनवरी 2026 में *डॉ. अनिल प्रकाश जोशी* की शिकायत पर देहरादून के वसंत विहार थाने में एक नई FIR दर्ज की गई थी, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो और कथित VIP के संबंध में जांच की मांग की गई थी। बाद में CBI ने इसी FIR को री-रजिस्टर कर अपनी जांच शुरू की। जबकि जाँच अंकिता के परिवार द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की जानी चाहिए थी l
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार ने स्वयं CBI जांच की संस्तुति की थी, तो फिर इस मामले में अब तक जांच की ठोस प्रगति और महत्वपूर्ण निष्कर्ष जनता के सामने क्यों नहीं रखे गए? कांग्रेस की मांग है कि CBI यह स्पष्ट करे कि वायरल ऑडियो-वीडियो की फोरेंसिक जांच में क्या सामने आया, उसमें जिन VIP का उल्लेख है उनकी पहचान और भूमिका को लेकर क्या जांच हुई तथा कथित साक्ष्यों को नष्ट किए जाने के आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंची है।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर FIR दर्ज होना और उसके बाद उसी FIR का CBI द्वारा री-रजिस्ट्रेशन अपने आप में जांच की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की राजनीतिक अथवा सार्वजनिक पृष्ठभूमि से अलग हटकर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शिकायत किस आधार पर की गई, उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से किस प्रकार पुष्टि की गई और जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं। कांग्रेस किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने की मांग नहीं कर रही, बल्कि निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग कर रही है।
ललित मोहन मिश्र ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने जनवरी 2026 में यह दावा किया था कि जांच में कोई VIP संलिप्त नहीं पाया गया और वायरल ऑडियो को लेकर SIT जांच कर रही है। ऐसे में अब CBI द्वारा दर्ज की गई नई जांच में यह साफ होना चाहिए कि क्या इस कथित VIP एंगल की स्वतंत्र जांच हुई है और यदि हुई है तो उसका निष्कर्ष क्या है?
उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से अपनी बेटी को पूर्ण न्याय दिलाने और कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने की मांग करते रहे हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पीड़ित परिवार के हर सवाल का जवाब दे। हाल में कांग्रेस ने भी CBI जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
*महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा सरकार से निम्न सवालों का जवाब मांगा—*
1. CBI जांच की वर्तमान स्थिति क्या है?
2. वायरल ऑडियो और वीडियो की फोरेंसिक जांच में क्या तथ्य सामने आए?
3. कथित VIP का नाम और भूमिका जांच में स्पष्ट हुई या नहीं?
4. जिन संभावित साक्ष्यों को नष्ट किए जाने की बात सामने आई थी, उनकी जांच का क्या परिणाम रहा?
5. राज्य सरकार द्वारा CBI जांच की संस्तुति के बाद जांच में अब तक क्या प्रगति हुई?
6. CBI जांच रिपोर्ट अथवा उसके महत्वपूर्ण निष्कर्ष जनता और अंकिता के माता-पिता के सामने कब रखे जाएंगे?
7. यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका नहीं पाई गई है तो सरकार और जांच एजेंसी इसे तथ्यों एवं प्रमाणों के साथ सार्वजनिक क्यों नहीं करती?
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय केवल दोषियों को सजा मिलने से पूरा नहीं होगा; उन तमाम सवालों का जवाब मिलना भी जरूरी है जो इस हत्याकांड के सामने आने के बाद प्रदेश की जनता के मन में पैदा हुए हैं।
ललित मोहन मिश्र ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में किसी निर्दोष को बदनाम करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के लिए जांच को लंबित रखना भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि CBI अपनी जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करे, निष्कर्ष सार्वजनिक करे और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और जांच एजेंसी ने अंकिता के परिवार तथा प्रदेश की जनता के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया, तो महानगर कांग्रेस कमेटी इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष और तेज करेगी।










