इंसाफउत्तर प्रदेश
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
बेटे की गेमिंग लत से परिवार बदहाल, मां ने लगाई आर्थिक मदद की गुहार

बेटे की प्रताड़ना से परेशान बुजुर्ग पिता, डीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
सेंट्रल पार्क रेजिडेंसी के पास खतरे पर डीएम सख्त, बिल्डर पर कार्रवाई और सुरक्षात्मक कार्य के आदेश
देहरादून। आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। समाधान दिवस में पहुँचे 164 मामलों की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को दोटूक निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को पूरी जवाबदेही के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट में आयोजित इस समाधान दिवस में मुख्य रूप से भूमि धोखाधड़ी, अवैध अतिक्रमण, सीमांकन, सामाजिक-आर्थिक सहायता और मानसूनी बारिश से संपत्तियों को पहुँचे नुकसान से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गईं। ऋषिकेश निवासी विनीता ने बेटे की ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण परिवार के आर्थिक रूप से बर्बाद होने की पीड़ा साझा की और सहायता माँगी। वहीं, पल्टन बाजार की जुनतारा देवी ने बीमारी के इलाज व बेटी की स्कूल फीस तथा विधवा अर्चना ने बेटियों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई।
बुजुर्ग राजपाल सिंह ने अपने बेटे पर संपत्ति हड़पने की नीयत से मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाने पर डीएम ने एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत तत्काल वाद दर्ज करने का आदेश दिया। मन्नूगंज की बुजुर्ग विधवा की शिकायत पर सीओ सिटी को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सहारनपुर की विनिता भटेजा द्वारा राजपुर रोड स्थित पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत पर सीओ मसूरी को मौके पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, तहसीलदार विवेक राजौरी, तहसीलदार सुरेन्द्र देव समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।






