उतराखंडनेत्र दान

नेत्रदान ,एक इश्वरीय कार्य

ऋषिकेश। नेत्रदान के बढ़ते प्रचार प्रसार के कारण समाज में जागरूकता आ रही है,परिजन मृत्योपरांत स्वंय संपर्क कर रहे हैं। एक बार नेत्रदान कराचुका परिवार गर्व से नेत्रदाता परिवार बन जाता है। श्रीमती संतोष जुनेजा, सुरेंद्रवती भारद्वाज, श्रीमती उषा पुरी, श्रीमती कृष्णा दुआ, प्रीतम भाटिया, रमेश अरोड़ा, संजय कुकरेजा, वीना चड्ढा के परिजनों ने नेत्रदान कराकर समाज की आगे मिसाल कायम की है। नेत्रदान कार्यकर्ता गोपाल नारंग ने बताया कि ऋषिकेश की बेटी वीना चढ़्डा ने देहरादून अपनी ससुराल में जीवनकाल मे नेत्रदान की इच्छा से अपने पति जोगिंदर पाल चड्ढा को अवगत करा दिया था। मृत्योप्रांत उनके भाई सुभाष कोहली अनिल कोहली ने जीजा के कहने पर अपनी बहन के नेत्रदान कराए। इसी प्रकार हरजीत ग्रोवर ने भी अपनी हरिद्वार निवासी बहन उषापुरी के नेत्रदान उनके पति हरीशपुरी के आग्रह पर कराए। नेत्रदान की कड़ी में प्रेमनगर निवासी अमित भाटिया( मोनू) के आग्रह पर श्रीमती कृष्णा दुआ व प्रीतम भाटिया के नेत्रदान हुए। इसी प्रकार ज्वालापुर निवासी अनिल अरोड़ा की प्रेरणा से रमेश अरोड़ा के नेत्र दान कराए। नगर में श्रीमती संगीता आनंद के आग्रह पर संजय कुकरेजा के नेत्रदान उनकी
बहन तमन्ना ने कराए। उग्रसेन निवासी माता सुरेंद्रवती के नेत्रदान की इच्छा से उनके पुत्र अनुज भारद्वाज ने नारंग को अवगत कराया तथा पूर्व में अपने ससुर के नेत्रदान करा चुकी नीतू जुनेजा ने श्रीमती संतोष जुनेजा के नेत्रदान करा ए। लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि मिशन द्वारा अब तक 458 व्यक्तियों के नेत्र दान कराए जा चुके हैं और यह कार्य अविरल चलता रहेगा

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