
मूसलाधार पानी बरसने से जनजीवन हुआ बुरी तरह प्रभावित
जनहानि से साथ-साथ प्रदेश में हुई बड़ी धनहानि
देहरादून। उत्तराखंड में रेड अलर्ट के बीच पिछले 24 घंटे में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के अलग-अलग जिलों में भूस्खलन, सड़क हादसे, बिजली गिरने, पेड़ गिरने, जलभराव और हादसे की घटनाओं में 3 लोगों की जान चली गई, कई घायल हुए हैं। बाजारों और मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी रहीं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 20 जुलाई सुबह 9.30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार रेड अलर्ट के दौरान सबसे अधिक नुकसान सड़क हादसों, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाओं से हुआ। टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर-लंबगांव मोटर मार्ग पर खोलगढ़ के पास एक कार करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन चालक 38 वर्षीय होशियार सिंह पंवार की मौत हो गई।
ऋषिकेश-कीर्तिनगर मोटर मार्ग पर पावकी देवी क्षेत्र में चलती कार पर पेड़ गिरने से मेरठ निवासी एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में जंगल में बकरियां चरा रहे 52 वर्षीय व्यक्ति की वज्रपात से मौत हो गई। नैनीताल के हल्द्वानी ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में भी एक अज्ञात वाहन की टक्कर से पैदल चल रहे व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा चंपावत के टनकपुर क्षेत्र में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई। रुद्रप्रयाग जिले के संकरोड़ी-खाकरा पीपली मार्ग पर एक पिकअप वाहन खाई में गिरने से दो महिलाओं समेत तीन लोग घायल हो गए और एक भैंस की भी मौत हो गई। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण चमोली जिले के नारायणबगड़ बाजार में छह से सात दुकानों में पानी और मलबा घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ। एनएच और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने में जुटी हैं। इसी जिले के कहकुंड क्षेत्र में एक गौशाला के ऊपर बोल्डर गिरने से पशुओं के दबने की सूचना मिली है। वहीं पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट क्षेत्र में एक आवासीय भवन के पीछे से विशाल पत्थर घर के भीतर घुस गया। हालांकि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
दून में संतला देवी मंदिर के पास टापू पर फंसे सात लोग
देहरादून। देहरादून में संतला देवी मंदिर के पास नदी के बीच बने टापू पर फंसे सात लोगों को एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, 108 एंबुलेंस सेवा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। दूसरी ओर उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी के कटाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य जारी हैं। वायरक्रेट, बोल्डर पैकिंग और पीसीसी सहित कई सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
प्रदेश के कई जिलों में पिछते 24 घंटों में 100 मिमी से अधिक हुई वर्षा
देहरादून। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। उधम सिंह नगर के किच्छा में सर्वाधिक 130 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। देहरादून के मालदेवता में 103.5 मिलीमीटर, बागेश्वर के कपकोट में 97 मिलीमीटर, पिथौरागढ़ के बंगापानी में 92 मिलीमीटर, टिहरी के नरेंद्रनगर में 82.5 मिलीमीटर, रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ में 77 मिलीमीटर, नैनीताल के खनस्यू में 72 मिलीमीटर और चंपावत के टनकपुर में 63 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लिए एक रेड अलर्ट, नौ ऑरेंज अलर्ट और छह येलो अलर्ट जारी किए, जिसके चलते सभी जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।






