
रुड़की। कलियर क्षेत्र में खनन से जुड़े ओवरलोड भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही अब आमजन के लिए खतरा बनती जा रही है। सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब करीब 35 स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल बस सोहलपुर के पास सड़क से उतरकर खेत में जा गिरी। गनीमत रही कि हादसे में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई।
जानकारी के अनुसार स्कूल बस सोहलपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान सड़क पर खड़े खनन से भरे एक ओवरलोड डंपर को बचाने व ओवरटेक करने के प्रयास में बस चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे बस सड़क किनारे खेत में गिर गई। बस के खेत में गिरते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में बस को भी खेत से बाहर निकलवाया गया।घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला।
मौके पर पहुंचे भीम आर्मी के कार्यकर्ता सोनू कश्यप, अजीम, अमीर, अंकित कुमार, मिथुन, समीर, मोहित सैनी और पंकज कुमार ने विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में खनन से भरे ओवरलोड डंपर लगातार दौड़ रहे हैं, जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर खनन अधिकारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे संबंधित विभागों का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि कलियर से बेडपुर, सोहलपुर और हद्दिवाला तक खनन वाहनों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
घटना ने एक बार फिर प्रशासन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़े और दर्दनाक हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।वहीं ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए इमलीखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और खनन से भरे ओवरलोड वाहनों को कब्जे में लेकर चौकी ले आई। इमलीखेड़ा चौकी प्रभारी शहजाद अली ने बताया कि करीब आधा दर्जन डंपरों को कब्जे में लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।












