उतराखंडनेत्र दान

नेत्रदान एक पारिवारिक परंपरा

नेत्रदान का 450 वां सफल प्रयास

ऋषिकेश। नेत्रदान के प्रति जागरूकता का प्रमाण इससे बड़ा क्या हो सकता है की 2 वर्ष पूर्व पत्नी माधुरी गुप्ता की मृत्यु पर नेत्रदान करवाने वाले एम एन गुप्ता ने भविष्य मे अपनी मृत्यु पर नेत्रदान का निर्णय लेकर पारिवारिक चिकित्सक व निकटतम डा एस एन वशिष्ठ को अवगत करा दिया। विगत उनकी मृत्यु पर चिकित्सक डा वशिष्ठ ने उनके नेत्रदान करवा कर अपना दायित्व निभाया।


नेत्रदान कार्यकर्ता व लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि आवास विकास वीरभद्र मार्ग निवासी एम के गुप्ता के निधन पर डा वशिष्ठ की सुचना पर उनके सहयोगी अनिल ककड ऋषिकेश आई बेंक की नेत्रदान की रेस्क्यू टीम के साथ उनके निवास पहुंचे, जहां टीम ने दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए।


नेत्रदान की कड़ी में पूर्व मे प्यारेलाल जुगराण के प्रेरित करने पर सोमेश्वर नगर निवासी हरीश राणा ने अपने भाई विजय राणा एवं सुभाष नगर बनखंडी निवासी प्रदीप बंसल ने अपनी माता के नेत्रदान गीतू पाहवा व चंद्रशेखर के प्रेरित करने पर करवाए. नेत्रदान के पुनीत कार्य पर अमित वत्स,मनमोहन भोला,विकास ध्यानी, सोमपाल प्रजापति ने परिवार को साधुवाद दिया. रामशरण चावला द्वारा प्रारंभ किए गए नेत्रदान महादान हरिद्वार ऋषिकेश मिशन का यह 450 वां सफल प्रयास है जो अविरल चलता रहेगा।

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