उतराखंडश्रद्धांजलि

भाजपा परिवार ने डॉ मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर बूथ स्तर पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

डॉ मुखर्जी के बलिदान से ही बंगाल और कश्मीर देश का हिस्सा बने हैंः भट्ट

डॉ मुखर्जी के विचारों पर मोदी के नेतृत्व में देश सशक्त हो रहा है
देहरादून। भाजपा परिवार ने जनसंघ संस्थापक और राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा स्वर्गीय डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर बूथ स्तर पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। इस अवसर पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि डॉक्टर मुखर्जी के बलिदान के कारण ही बंगाल और कश्मीर देश का हिस्सा बने रहे। तत्कालीन सरकार उनकी मौत की सच्चाई को दबाने में तो सफल हुई लेकिन राष्ट्र सर्वाेपरि के विचारों को नहीं। आज उनके विचारों आगे बढ़ते हुए ही देश, मोदी के नेतृत्व में सशक्त हो रहा है।
प्रदेश मुख्यालय में हुए मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि एक राष्ट्र के लिए अपना सर्वाेच्च न्योछावर करने वाला कोई बड़ा नेता है तो वह हैं डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं। और उनके इन विचारों पर अगर कोई दल अमल करते हुए कार्य कर रहा है, तो वो दल भी भाजपा है। उन्हें कहा कि आज का जो पश्चिम बंगाल  अगर सुरक्षित है और वह भारत का अंग है तो उसमें बहुत बड़ा योगदान डॉ. मुखर्जी का है। आज तो हम सोशल मीडिया के युग में जीते हैं और उस कालखंड के अंदर जेल शब्द कितनी प्रताड़ना का ऐसा एक स्वरूप  होगा, उसकी हम आज कल्पना नहीं कर सकते हैं। हमारे नेता को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया गया, हमे संकोच नहीं कि एक प्रकार से उनकी हत्या हुई है। क्योंकि एक व्यक्ति जो है, पूरे देश के अंदर एक देश एक विधान और एक निशान  के भाव के साथ कश्मीर के अंदर जा रहा हो, और कश्मीर में जाते ही वो फिर मृत हो जाता हो। वे आजादी के बाद देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्य बलिदान करने वाले देश के पहले शीर्ष नेता थे।
उन्होंने कहा, डॉ. मुखर्जी वो शिखर पुरुष हैं, जिनकी प्रेरणा से हम आज भी अपने को वैचारिक कार्यकर्ता के रूप में स्थापित करते हैं। आज भी भारत माँ के किसी हिस्से में जब इस प्रकार के अराष्ट्रवादी तत्व खड़े होते हैं, तो हम लोग उन अराष्ट्रवादी तत्वों के खिलाफ मजबूती से खड़े दिखाई देते हैं। यही कारण है कि आज पश्चिम बंगाल के अंदर जिस प्रकार से घुसपैठिए बांग्लादेश से घुस गए थे और एक प्रकार से दूसरा पाकिस्तान बनने की स्थिति में पश्चिम बंगाल आ गया था। लेकिन हमारे दल के कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर मुखर्जी के सिद्धांतों पर अमल करते हुए 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने अपनी कुर्बानी दी। और एक समय ये आया कि आज वहां भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार में हैं।  उनक ये उसी जोश और उसी उद्देश्य की पूर्ति का परिणाम है जिसकी डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कल्पना की थी। उसी भाव के साथ हमारे कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया, बंगाल को भी विभाजित होने से रोकने और आज ऐसी अराष्ट्रवादी शक्तियों से दूर करने का प्रयास किया गया।
इस मौके पर मार्गदर्शन देते हुए राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बंसल ने कहा कि उन्होंने देश की अखंडता।के खिलाफ हुए लियाकत अली समझौते का विरोध करते हुए उन्होंने नेहरू मंत्रिमंडल से इस्ती़फा दिया था। वो किसी की कृपा से नहीं बल्कि महात्मा गांधी के सुझाव पर मुखर्जी और अंबेडकर को मंत्रिमंडल में शामिल किए गए थे। डॉक्टर मुखर्जी ने ही बतौर मंत्री पहली औद्योगिक एवं कृषि नीति तैयार की थी। उनकी योग्यता के चलते वो सबसे कम उम्र के यूनिवर्सिटी वाइस चांसलर बने और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए। जो बंगाल आज देश के साथ है वो श्यामप्रसाद मुखर्जी की देन है और उनकी ही दूरदर्शिता ही थी कि बांग्लादेश के वर्तमान हालत को भी उन्होंने तब भांप लिया था।
कार्यक्रम में भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, विधायक सविता कपूर, सरिता आर्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, सरकार में दायित्वधारी और अभियान के संयोजक ज्योति गैरोला, मधु भट्ट, डाक्टर देवेंद्र भसीन, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे हैं।

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