उतराखंडमदद

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, आर्थिक मदद की दरकार

मुंबई में काम कर रहे खजान सिंह के आकस्मिक निधन से बच्चों के भविष्य पर छाए संकट के बादल

रुद्रप्रयाग। विकासखंड जखोली अंतर्गत ग्राम पंचायत बांसी (भरदार) निवासी 40 वर्षीय खजान सिंह रावत के आकस्मिक निधन से पूरा परिवार गहरे शोक में डूब गया है। खजान सिंह मुंबई में एक रेस्टोरेंट में काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके निधन से घर की सारी जिम्मेदारी अचानक टूट गई है।
घर पर 75 वर्षीय वृद्ध मां कुंवरी देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व बड़े बेटे नागेंद्र सिंह रावत (45 वर्ष) की मृत्यु और पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी खजान सिंह पर ही थी, जो किसी तरह परिवार को संभाले हुए थे।बड़े बेटे नागेंद्र सिंह की मृत्यु के बाद उनकी विधवा पत्नी और तीन बच्चे पहले से ही परिवार पर निर्भर थे। अब छोटे बेटे खजान सिंह के अचानक निधन से उनकी पत्नी पूजा देवी (36 वर्ष) और तीन मासूम बच्चे आरुषि (14 वर्ष), रुचि (10 वर्ष) और शौर्य (6 वर्ष) भी बेसहारा हो गए हैं। इस प्रकार एक ही परिवार में कुल सात बच्चे अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा के साये में आ गए हैं। खजान सिंह का घर कच्चा मकान है। वे अपने तीनों बच्चों को गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे थे। पत्नी पूजा देवी घर पर वृद्ध सास की सेवा के साथ-साथ खेती-बाड़ी और ध्याड़ी मजदूरी कर किसी तरह घर चला रही थीं, लेकिन अब हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। पूजा देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बांसी बिपेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायतवासियों, क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों से आर्थिक सहायता की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि “बांसी भरदार सहायता समूह” व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के माध्यम से लोग सहयोग कर रहे हैं, लेकिन परिवार को अभी और सहायता की सख्त जरूरत है। उन्होने बताया कि विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी से शासन स्तर पर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।ग्रामीणों  का कहना है कि यदि समय रहते सरकारी और सामाजिक सहयोग नहीं मिला, तो इस परिवार के लिए जीवन यापन और बच्चों की पढ़ाई बेहद कठिन हो जाएगी।

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