
ऋषिकेश।अखिल भारतीय सनातन संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. राजे नेगी ने केंद्र सरकार द्वारा चयनित व्यापारी UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के निर्णय पर गहरी आपत्ति व्यक्त की है।
डॉ. नेगी ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क सीधे आम उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा, बल्कि ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी UPI भुगतानों पर लागू होगा। इसके बावजूद छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों के माध्यम से मध्यम वर्गीय परिवारों और आम नागरिकों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि UPI की अभूतपूर्व सफलता का सबसे बड़ा कारण इसका सरल, सुरक्षित और बिना अतिरिक्त शुल्क वाला डिजिटल भुगतान तंत्र रहा है। यदि व्यापारियों पर MDR का बोझ बढ़ता है, तो अनेक छोटे व्यवसाय नकद लेन-देन को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे डिजिटल भुगतान और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय अभियान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
डॉ. नेगी ने मांग की कि केंद्र सरकार डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने की मूल भावना को बनाए रखते हुए छोटे व्यापारियों को किसी भी प्रकार के MDR शुल्क से पूर्णतः मुक्त रखे, मध्यम वर्गीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करे तथा इस निर्णय पर व्यापक जनहित में पुनर्विचार करे।










