
रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम की यात्रा के बीच बनातोली में मोरखमा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल लगातार हो रही बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण खतरे की जद में आ गया है। पुल की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं, स्थानीय ग्रामीणों और घोड़ा-खच्चर संचालकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। बढ़ते जलस्तर के चलते पुल से आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
इन दिनों मद्महेश्वर धाम की यात्रा पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में बनातोली स्थित यह अस्थायी पुल यात्रा मार्ग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। लेकिन लगातार बारिश के कारण मोरखमा नदी उफान पर है और तेज बहाव पुल के आसपास कटाव कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो पुल को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे यात्रा व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही भी जोखिम में पड़ सकती है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पुल की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने तथा पहले से स्थापित ट्रॉली व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश प्रसाद नैथानी ने बताया कि बढ़े हुए जलस्तर के कारण लकड़ी का अस्थायी पुल खतरे की जद में आ गया है। एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही ट्रॉली के माध्यम से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग जल्द ही एक अन्य अस्थायी पुल के निर्माण के प्रयास करेगा, ताकि विशेष रूप से घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी सुरक्षित और सुचारु रूप से शुरू कराई जा सके।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार हो रही बारिश के बीच यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी मौसम और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की जा रही है।






