उतराखंडवन्यजीव

आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद, महिला को बनाया था निवाल

पौड़ी। जनपद के बमठी गांव में बीते 23 अप्रैल को हुई दर्दनाक घटना के बाद फैली दहशत अब कुछ हद तक खत्म हो गई है। खेत में काम कर रही गांव की रहने वाली सीता देवी को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था। इस घटना से पूरे गांव में भय का माहौल बन गया था। जिसके बाद वन विभाग ने गांव के आसपास पिंजरे लगाए थे, जिसमें गुलदार कैद हुआ है। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं वन विभाग ये पता करने में जुटा है कि इसी गुलदार ने महिला पर हमला किया था या नहीं, जिसकी पड़ताल तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सीता देवी रोजाना की तरह खेतों में काम कर रही थी, तभी अचानक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। इस हादसे में सीता देवी की मौत हो गई। सीता देवी अपने पीछे पति के अलावा दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गई हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला और गुलदार को मारने की मांग जोर पकड़ने लगी। स्थिति को देखते हुए वन विभाग पौड़ी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में टीमों का गठन किया। लगातार गश्त के साथ ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाए गए। साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए विभागीय शूटर के साथ एक निजी शूटर भी तैनात किए गए। काफी दिनों की मशक्कत के बाद आखिरकार गुलदार पिंजरे में कैद कर लिया गया है। गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि इलाके में अब भी सतर्कता बरती जा रही है।
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि पकड़े गए गुलदार की उम्र लगभग डेढ़ से दो वर्ष आंकी जा रही है। फिलहाल वन विभाग की टीम द्वारा उसके स्वास्थ्य की जांच कराई जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह पूरी तरह स्वस्थ है या नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि अब सबसे अहम पहलू यह है कि क्या इसी गुलदार ने महिला पर हमला किया था, इसका पता लगाया जाएगा। इसके लिए विभागीय टीम घटनास्थल और गुलदार के व्यवहार, शारीरिक बनावट और अन्य संकेतों का मिलान कर रही है। यदि पुष्टि होती है कि यही आदमखोर गुलदार है, तो उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जंगल या खेतों में अकेले न जाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!