
नैनीताल। उधम सिंह नगर जिले के किच्छा में पेट्रोल पंप में लूटपाट करने वाले आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद अवकाश कालीन न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की पीठ ने आरोपी साहिल को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। उधर, प्रतिबंधित मांस तस्करी मामले में भी कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने को कहा है।
बीती 27 अप्रैल 2025 को पेट्रोल पंप मालिक ने किच्छा थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि 26 अप्रैल 2025 की रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर उनके पेट्रोल पंप में 6 लोग दो बाइक पर तमंचा लहराते हुए आए। जो पेट्रोल पंप कर्मचारियों से 40 हजार रुपए नकद और उनका मोबाइल लूट कर ले गए। साथ में उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे गए।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की जांच के बाद साहिल, सूरज समेत अन्य के नाम सामने आए। जिसके बाद आरोपियों ने जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया। जिस पर आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि इनकी ओर से एक जगह नहीं अन्य जगहों पर भी लूट की गई है। इसलिए आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाए। आरोपी की तरफ से कहा गया कि घटना के समय किसी को पहचाना नहीं गया, न कोई ठोस सबूत है। सह आरोपी सूरज की जमानत पहले हो चुकी है। इसलिए उसी के आधार पर इनकी भी जमानत दी जाए। कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद आरोपी साहिल को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
नैनीताल हाईकोर्ट में प्रतिबंधित मांस तस्करी मामले में आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद अवकाश कालीन न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की पीठ ने आरोपी शमशेर अली को जमानत पर रिहा करने को कहा है। बीती 5 जनवरी 2026 को पुलिस गश्त पर थी। तभी पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि लक्सर हरिद्वार के सुल्तानपुर ईदगाह के पीछे के खेत में कुछ लोग गोकशी कर रहे हैं। पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर घटनास्थल पर धावा बोला, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपी भाग गए। घटनास्थल से पुलिस को 90 किलो मांस, छोटी कुल्हाड़ी, छुरी, दो खाल व खुर बरामद हुए। 6 जनवरी 2026 को पुलिस ने उत्तराखंड गौ संरक्षण अधिनियम 2007 की धारा 3, 5 व 11 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच करने पर पुलिस ने शमशेर अली के पास से 8 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद किया। आज सुनवाई के दौरान आरोपी की तरफ से कहा गया कि उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य नहीं है, न ही उनकी कोई क्रिमनल हिस्ट्री है। इसलिए उनको जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी शमशेर अली को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।












