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तीर्थ नगरी ऋषिकेश में गंगा तट पर 23 अक्टूबर से सजेगा महा योग ध्यान कुंभ

ऋषिकेश, 22 अक्टूबर। तीर्थनगरी ऋषिकेश में मां गंगा के पावन तट पर 23 से 27 अक्टूबर तक महा योग ध्यान कुंभ (एमवाईडीके) 9.0 का आयोजन किया जाएगा। मुनि की रेती स्थित योग महोत्सव घाट पर आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय महोत्सव में सामूहिक ध्यान, आध्यात्मिक सत्संग, संगीत, योग और सेवा गतिविधियों के माध्यम से आंतरिक शांति एवं विश्व शांति का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों को इस वर्ष महोत्सव में 150 से अधिक शहरों और 18 से अधिक देशों से 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

 

आयोजन को लेकर बुधवार को गंगा रिसॉर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें आयोजकों ने महोत्सव की रूपरेखा, प्रमुख कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। महा योग ध्यान कुंभ का आयोजन पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट (पीएसएसएम) की पहल पर पीएमसी सोसाइटी द्वारा पीएमसी हिंदी के सहयोग से किया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘आंतरिक रूपांतरण एवं विश्व शांति’ रखी गई है।

सामूहिक ध्यान और संगीतमय साधना से जुड़ेंगे प्रतिभागी

महोत्सव में सामूहिक आनापानसती यानी श्वास-जागरूकता ध्यान प्रमुख आकर्षण रहेगा। गंगा तट पर लाइव वाद्य संगीत और पिरामिड ऊर्जा की अवधारणा के साथ आयोजित ध्यान सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन सुबह पांच से आठ बजे तक संगीतमय ध्यान सत्र आयोजित होंगे, जबकि शाम छह से साढ़े छह बजे तक गंगा आरती होगी। इसके अलावा आध्यात्मिक गुरुओं, ध्यान शिक्षकों, वैज्ञानिकों और जागरूक विचारकों के साथ ज्ञान संवाद आयोजित किए जाएंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत, कबीर भजन, अभंग और ध्वनि चिकित्सा से जुड़े कार्यक्रम भी महोत्सव का हिस्सा होंगे।

योग, प्राणायाम और स्वास्थ्य कार्यशालाओं का होगा आयोजन

महोत्सव में योग, प्राणायाम, आयुर्वेद और श्वास-क्रिया पर आधारित स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों के लिए ‘जाग्रत किड्स’ और युवाओं के लिए ‘स्वानुभव यूथ सेशंस’ के माध्यम से विशेष गतिविधियां संचालित होंगी। आयोजन के दौरान 108 घंटे का अखंड ध्यान भी प्रमुख आकर्षण रहेगा।

महोत्सव के अंतिम दिन 27 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक गंगा आरती और संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को ध्यान, आध्यात्मिक ज्ञान और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से आंतरिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना है।

पांच दिनों तक चलेगी निःशुल्क अन्नप्रसादम सेवा

महा योग ध्यान कुंभ में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। आयोजन सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए खुला रहेगा। ध्यान साधक, युवा, परिवार और वरिष्ठ नागरिक इसमें निःशुल्क भाग ले सकेंगे।

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